कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं शैक्षिक अनुसंधान पद्धति में नवाचार

Authors

  • डॉ. सुरेंद्र पाल सिंह असिस्टेंट प्रोफेसर, शिक्षक शिक्षा विभाग, धर्म समाज कॉलेज, अलीगढ़ Author
  • डॉ. आशुतोष तिवारी असिस्टेंट प्रोफेसर, शिक्षा विभाग, धर्म समाज कॉलेज, अलीगढ़ Author

DOI:

https://doi.org/10.59828/ijeve.v2i3.41

Abstract

वर्तमान युग में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence: AI) शिक्षा एवं शैक्षिक अनुसंधान के क्षेत्र में तीव्र परिवर्तन का प्रमुख आधार बन गई है। AI आधारित तकनीकों ने अनुसंधान पद्धति को अधिक वैज्ञानिक, त्वरित, सटीक तथा प्रभावी बनाया है। शैक्षिक अनुसंधान में डेटा संग्रहण, विश्लेषण, व्याख्या तथा निष्कर्ष निर्माण की प्रक्रियाओं में AI का व्यापक उपयोग हो रहा है। मशीन लर्निंग, प्राकृतिक भाषा संसाधन, डेटा माइनिंग तथा बिग डेटा विश्लेषण जैसी तकनीकों के माध्यम से विशाल एवं जटिल डेटा का सरलता से अध्ययन संभव हुआ है। इससे अनुसंधान की विश्वसनीयता, वस्तुनिष्ठता तथा गुणवत्ता में वृद्धि हुई है।

प्रस्तुत शोध लेख में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की अवधारणा, शैक्षिक अनुसंधान में उसकी भूमिका तथा अनुसंधान पद्धति में नवाचारों का विश्लेषण किया गया है। साथ ही AI आधारित अनुसंधान उपकरणों, उनके शैक्षिक उपयोग, लाभों एवं सीमाओं पर भी प्रकाश डाला गया है। लेख में यह स्पष्ट किया गया है कि AI न केवल अनुसंधान प्रक्रिया को स्वचालित एवं व्यवस्थित बनाता है, बल्कि शिक्षण-अधिगम की प्रभावशीलता तथा निर्णय-निर्माण क्षमता को भी सुदृढ़ करता है। इसके अतिरिक्त डेटा गोपनीयता, नैतिकता तथा तकनीकी निर्भरता जैसी चुनौतियों की भी चर्चा की गई है। निष्कर्षतः, AI भविष्य में शैक्षिक अनुसंधान को अधिक नवाचारी, समावेशी एवं ज्ञान-केंद्रित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

मुख्य शब्द: कृत्रिम बुद्धिमत्ता, शैक्षिक अनुसंधान, अनुसंधान पद्धति, नवाचार, मशीन लर्निंग, डेटा विश्लेषण, शिक्षा तकनीक।

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Published

2026-03-30

Issue

Section

Articles

How to Cite

कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं शैक्षिक अनुसंधान पद्धति में नवाचार. (2026). International Journal of Emerging Voices in Education, 2(3), 38-46. https://doi.org/10.59828/ijeve.v2i3.41