पंडित दीनदयाल उपाध्याय के शैक्षिक विचार और राष्ट्रीय शिक्षा नीतियों (1968, 1986, 2020) का एक तुलनात्मक अध्ययन

Authors

  • सैयद अब्दुल वाहिद शाह शोध छात्र, बी. एड. विभाग, बरेली कॉलेज, बरेली सम्बद्ध, महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय, बरेली Author
  • प्रोफेसर (डा.) अनीता सिंह प्रोफेसर, बी. एड. विभाग, बरेली कॉलेज, बरेली सम्बद्ध, महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय, बरेली Author

DOI:

https://doi.org/10.59828/ijeve.v2i6.61

Keywords:

पंडित दीनदयाल उपाध्याय, राष्ट्रीय शिक्षा नीति, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, भारतीय शिक्षा व्यवस्था, शैक्षिक विचार, शिक्षा सुधार, तुलनात्मक अध्ययन, भारतीय शिक्षा दर्शन।

Abstract

प्राचीन काल से ही शिक्षा प्रणाली में सुधार हेतु सतत प्रयास किये जाते रहे हैं। इन प्रयासों में अनेक ऋषि-मुनियों, शिक्षाविदों, समाज सुधारकों, मनीषियों, राजनेताओं का योगदान रहा है। प्रत्येक शैक्षिक काल खण्ड में भारतीय शिक्षा के उन्नयन हेतु सदैव प्रयास किये जाते रहे हैं। यह प्रयास भारतीय स्वतन्त्रता के पूर्व एवं पश्चात समय समय पर अनेक सरकारों द्वारा किये गये हैं। शिक्षा से सम्बन्धित सुधारों हेतु जो महापुरूष उल्लेखनीय हैं उनमें स्वामी विवेकानन्द, रविन्द्र नाथ टैगोर, अरविन्द घोष, पंडित मदन मोहन मालवीय, सर सैय्यद अहमद खां, डा0 जाकिर हुसैन, डा0 भीमराव अम्बेडकर, महात्मा गाँधी, इन्द्रिरा गाँधी एवं पंडित दीनदयाल उपाध्याय के नाम सम्मलित किये जा सकते हैं। भारत के 15 अगस्त 1947 को स्वतन्त्र हो जाने के पश्चात अनेक शिक्षा आयोगों यथा राधा कृष्णनन आयोग, मुदालियर आयोग एवं कोठारी आयोग का गठन करके एवं उनके द्वारा प्रस्तुत सुझावों के आधार पर भारत की शिक्षा व्यवस्था में सुधार के प्रयास किये गये। सन 1968 में भारत की प्रथम राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू की गयी जो शिक्षा के क्षेत्र में देश की शिक्षा व्यवस्था को व्यवस्थित करने का ठोस प्रयास था। इसके पश्चात सन 1986 में राष्ट्र की द्वितीय राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू की गई, जिसे नई शिक्षा नीति 1986 कहा गया। इस शिक्षा नीति ने देश की शिक्षा व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तनों को लागू किया। इस शिक्षा नीति के 34 वर्षों के पश्चात राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लागू किया गया, जिसे तत्कालीन एन0डी0ए0 सरकार द्वारा लागू किया गया। देश की शिक्षा नीतियाँ पंडित दीनदयाल उपाध्याय के शैक्षिक विचारों से किस हद तक साम्य स्थापित करती हैं, प्रस्तुत शोध पत्र में इसका अध्ययन करने का प्रयास किया गया है, जिसके माध्यम से यह ज्ञात किया जा सके कि देश की राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1968, 1986 एवं 2020 पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों से कितनी समानता एवं असमानता रखती हैं।

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Published

2026-06-30

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How to Cite

पंडित दीनदयाल उपाध्याय के शैक्षिक विचार और राष्ट्रीय शिक्षा नीतियों (1968, 1986, 2020) का एक तुलनात्मक अध्ययन. (2026). International Journal of Emerging Voices in Education, 2(6), 1-6. https://doi.org/10.59828/ijeve.v2i6.61