राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में बौद्ध दर्शन के मूल्यों का प्रतिबिंब

Authors

  • रिधा शोधार्थिनी, शिक्षक शिक्षा विभाग, श्री लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज, गोंडा, (उ०प्र०) Author
  • डॉ. लोहंस कुमार कल्याणी शोध निर्देशक, असिस्टेंट प्रोफेसर, शिक्षक शिक्षा विभाग, श्री लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज, गोंडा, (उ०प्र०) Author

DOI:

https://doi.org/10.59828/ijeve.v1i2.6

Abstract

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 ने बौद्ध दर्शन के मूल मूल्यों को शिक्षा प्रणाली में समेकित करने की प्रेरणा दी है, जिससे विद्यार्थियों में करुणा, मध्यम मार्ग और ज्ञान की खोज जैसी आधारभूत क्षमताओं का विकास हो सके। यह नीति दोनों व्यक्तिगत निष्पक्षता और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बौद्ध मान्यताओं को शिक्षण के केंद्र में लाती है। करुणा, जो सभी जीवों के प्रति सहानुभूति का आधार है, को नैतिक शिक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों के जीवन में वृहद रूप से प्रविष्ट किया जाता है। साथ ही, मध्यम मार्ग का अर्थ है जीवन में संतुलन और परिपाटी को समझना, जिससे हठधर्मिता से बचा जा सके और जीवन में स्थिरता बनी रहे। सच्चे ज्ञान का काम, यहाँ सतत जिज्ञासा और सत्य के अनुसंधान को प्रोत्साहित करता है, जो शिक्षकों और छात्रों दोनों के दृष्टिकोण से अनिवार्य है। शिक्षा नीति ने इन मूल्यों को शिक्षण और आचार-विचार के बीच ऐसा समन्वय स्थापित करने का प्रयास किया है कि छात्र न केवल ज्ञान अर्जित करें, बल्कि अपनी नैतिकता और मानवीय मूल्यों का भी विकसित करें। इसमें नैतिक शिक्षा और मूल्यांकन को मुख्य आधार माना गया है, ताकि छात्रों में आचार और विवेक का विकास हो सके। समग्र विकास पर बल देते हुए, यह नीति बहुस्तरीय शिक्षा प्रणाली की स्थापना की दिशा में अग्रसर है, जहाँ बौद्ध शिक्षा की शिक्षण पद्धतियाँ भी समावेशी और प्रभावी बनती हैं। शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों में नैतिकता एवं आचार-विचार पर जोर दिया गया है, ताकि शिक्षकों में बौद्ध मूल्यों का नैतिक अनुशासन विकसित हो सके और वे अपने विद्यार्थियों को सदाचार एवं सामाजिक जागरूकता का पाठ पढ़ा सकें। वांछित परिणाम पाने के लिए, नीति-निर्माण में विविधता और सांस्कृतिक जागरूकता को महत्व दिया गया है, जिससे शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व की भावना को प्रोत्साहित किया जा सके। साथ ही, वयस्क शिक्षा और जीवनलंबी सीखने के सिद्धांत भी शिक्षा के समावेशी स्वरों में शामिल किए गए हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य उनके मूल्यांकन तक पहुंचने और शिक्षा के प्रभाव का समुचित आंकलन है। अंततः, इसका उद्देश्य है कि बौद्ध दर्शन के मूल्यों का समर्पित और प्रभावी रूप से समावेश शिक्षा नीति में लाभप्रद सिद्ध हो, जिससे मानवता का समग्र विकास सुनिश्चित हो सके।

मुख्य शव्द: राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, बौद्ध दर्शन, मूल्य ।

 

Downloads

Published

2025-10-30

How to Cite

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में बौद्ध दर्शन के मूल्यों का प्रतिबिंब. (2025). International Journal of Emerging Voices in Education, 1(2), 01-08. https://doi.org/10.59828/ijeve.v1i2.6