बहुसांस्कृतिक कक्षाओं में विविध अधिगम आवश्यकताओं को संबोधित करने में समावेशी शिक्षाशास्त्र की भूमिका

लेखक

  • Naveen Kumar Yadav Assistant Professor, Department of Education and Training, Chaudhary Charan Singh Degree College, Heonra, Etawah ##default.groups.name.author##

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https://doi.org/10.59828/ijeve.v1i4.18

सार

आधुनिक शिक्षा प्रणाली में बहुसांस्कृतिक कक्षाओं की संख्या निरंतर बढ़ रही है, जहाँ विभिन्न भाषाई, सामाजिक, सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक पृष्ठभूमियों से आने वाले शिक्षार्थी एक साथ अध्ययन करते हैं। ऐसी कक्षाओं में सभी विद्यार्थियों की विविध अधिगम आवश्यकताओं को समान अवसर प्रदान करना एक बड़ी शैक्षणिक चुनौती है। यह शोध पत्र बहुसांस्कृतिक कक्षाओं में समावेशी शिक्षाशास्त्र की भूमिका का अध्ययन करता है, विशेष रूप से विभेदित शिक्षण, समानता तथा अधिगम के लिए सार्वभौमिक अभिकल्प (यूडीएल) के संदर्भ में। अध्ययन से यह निष्कर्ष प्राप्त होता है कि समावेशी शिक्षाशास्त्र शिक्षार्थियों की सहभागिता, शैक्षणिक उपलब्धि और सामाजिक समरसता को प्रभावी रूप से बढ़ावा देता है।

मुख्य शब्द: समावेशी शिक्षाशास्त्र, बहुसांस्कृतिक कक्षाएँ, विभेदित शिक्षण, समानता, यूडीएल

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प्रकाशित

2025-12-30

अंक

खंड

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