माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों की शिक्षण प्रभावशीलता का भावनात्मक बुद्धि एवं कार्य संतुष्टि के संदर्भ में अध्ययन

लेखक

  • कृष्ण कुमार यादव शोध छात्र, शिक्षा और प्रशिक्षण विभाग, चौधरी चरण सिंह डिग्री कॉलेज हेवरा, इटावा ##default.groups.name.author##
  • प्रो0 नीति प्रोफेसर, शिक्षा और प्रशिक्षण विभाग, चौधरी चरण सिंह डिग्री कॉलेज हेवरा, इटावा ##default.groups.name.author##

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https://doi.org/10.59828/ijeve.v1i4.20

सार

प्रस्तुत शोध अध्ययन अमेठी जनपद के माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत कुल 200 शिक्षकों की शिक्षण प्रभावशीलता का विश्लेषण भावनात्मक बुद्धि एवं कार्य संतुष्टि के संदर्भ में करता है। इस अध्ययन में वर्णनात्मक सह-संबंधात्मक शोध अभिकल्प (Descriptive Correlational Research Design) को अपनाया गया। अध्ययन हेतु आंकड़ों का संग्रहण तीन मानकीकृत मापन उपकरणोंभावनात्मक बुद्धि मापनी, कार्य संतुष्टि प्रश्नावली तथा शिक्षण प्रभावशीलता मापनीकी सहायता से किया गया। सांख्यिकीय विश्लेषण के परिणामों से यह स्पष्ट हुआ कि भावनात्मक बुद्धि और शिक्षण प्रभावशीलता के मध्य उच्च स्तर का सकारात्मक सहसंबंध पाया गया (r = 0.78, p < 0.01), जिससे यह संकेत मिलता है कि भावनात्मक बुद्धि में वृद्धि के साथ शिक्षण प्रभावशीलता भी बढ़ती है। इसी प्रकार, कार्य संतुष्टि और शिक्षण प्रभावशीलता के बीच मध्यम स्तर का सकारात्मक सहसंबंध प्राप्त हुआ (r = 0.64, p < 0.01)। इसके अतिरिक्त, भावनात्मक बुद्धि और कार्य संतुष्टि के मध्य भी सांख्यिकीय रूप से महत्वपूर्ण सकारात्मक सहसंबंध पाया गया (r = 0.71, p < 0.01) बहुविध प्रतिगमन विश्लेषण के निष्कर्षों से यह ज्ञात हुआ कि भावनात्मक बुद्धि एवं कार्य संतुष्टि संयुक्त रूप से शिक्षण प्रभावशीलता की कुल 67 प्रतिशत विचरणशीलता की व्याख्या करते हैं। इससे यह निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि माध्यमिक स्तर पर शिक्षकों की शिक्षण प्रभावशीलता को प्रभावित करने में भावनात्मक बुद्धि एवं कार्य संतुष्टि की महत्वपूर्ण भूमिका है।

मुख्य शब्द: भावनात्मक बुद्धि, कार्य संतुष्टि, शिक्षण प्रभावशीलता, माध्यमिक शिक्षक, अमेठी जनपद

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प्रकाशित

2025-12-30

अंक

खंड

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