प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना: कक्षा शिक्षण और व्यावसायिक कौशल के मध्य समन्वय करती एक अभिनव योजना
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https://doi.org/10.59828/ijeve.v2i3.38##semicolon##
इंटर्नशिप, कौशल विकास, रोजगारोन्मुखी शिक्षा, प्रधानमंत्री योजना, व्यावसायिक प्रशिक्षणसार
भारत की शिक्षा प्रणाली प्राचीन प्राचीन काल से ही मात्रात्मक एवं गुणात्मक दृष्टि से समृद्ध रही है जिसमें समय-समय पर परिमार्जन किया जाता है जिस संदर्भ को दृष्टिगत रखते हुए शिक्षा के संप्रत्यय में स्थानीय आवश्यकताओं एवं वैश्विक परिवेश के अनुरूप व्यावसायिक कौशल की प्रवक्ता को इंगित किया जाना आवश्यक प्रतीत होता है जिस हेतु कक्षा शिक्षण को व्यावसायिक कौशल से कैसे जोड़ा जाए इस दिशा में प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना एक क्रांतिकारी पहल है। प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना सार्थक रूप से कक्षा शिक्षण की प्रासंगिकता को व्यवसायिक कुशलता के रूप में अभिव्यक्त करता है। इस योजना का उद्देश्य छात्रों को सरकारी संस्थानों उद्योगों एवं स्टार्टअप से जोड़कर व्यावसायिक कौशल विकसित करना है। भारत में शिक्षा प्रणाली लंबे समय से इस चुनौती का सामना कर रही है कि विद्यालय और महाविद्यालयों में प्राप्त सैद्धांतिक ज्ञान को व्यावहारिक अनुभव से कैसे जोड़ा जाए। इस दिशा में “प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना” की सार्थकता प्रतीत होती है। इस योजना का उद्देश्य छात्रों को उद्योग, सरकारी संस्थानों तथा स्टार्टअप्स से जोड़कर रोजगारोन्मुखी कौशल विकसित करना है।सर्वेक्षण में पाया गया कि इस योजना से जुड़ने वाले 78% छात्रों के रोजगार अवसरों में वृद्धि हुई, जबकि 65% छात्रों ने कहा कि उन्हें कार्यस्थल पर आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता में सुधार मिला। प्रस्तुत शोध में कक्षा शिक्षण में व्यावसायिक कौशल के संदर्भ में प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना की प्रासंगिकता को इंगित किया गया है।
