शिक्षा के क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का प्रभाव: सम्भावनाएं एवं चुनौतियाँ

लेखक

  • डॉ. राजेन्द्र कुमार जायसवाल एसो0 प्रोफेसर, शिक्षाशास्त्र विभाग, श्री गणेश राय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, डोभी, जौनपुर ##default.groups.name.author##

##semicolon##

https://doi.org/10.59828/ijeve.v2i3.44

सार

अत्याधुनिक तकनीकों के वर्तमान युग में, “कृत्रिम बुद्धिमत्ता” प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में मानव की दिशा और दशा बदलने वाली एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जिसमें निरंतर नए आयाम जोड़े जा रहे हैं। कम्प्यूटरीकृत मशीनों और सॉफ्टवेयर प्रौद्योगिकी के अध्ययन एवं विकास को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) की संज्ञा दी गई है। यह एक ऐसी तकनीक है जो पूर्णतः मानवीय विचार शैली, सीखने-सिखाने की तार्किक क्षमता, कठिनतम परिस्थितियों में निर्णय लेना, पूर्वानुमान करना तथा विभिन्न विषयों के ज्ञान से प्रासंगिक उत्तरों की पहचान करना आदि अनेक संभावनाओं को समाहित करती है।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता आज प्रत्येक आयु वर्ग में—चाहे वह 7 वर्ष का बालक हो, 17 वर्ष का किशोर, 27 वर्ष का युवा, 37 वर्ष का प्रौढ़, 47 वर्ष का अधेड़ अथवा 70 वर्ष का वृद्ध—अत्यधिक लोकप्रिय होने के साथ-साथ एक अनिवार्य आवश्यकता बनती जा रही है। शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में कौशल-आधारित पाठ्यक्रम, शिक्षण-प्रतिमानों का दृश्यात्मक स्वरूप तथा शैक्षिक अनुप्रयोग विकसित किए जा रहे हैं। स्मार्ट उपकरणों और वेब-आधारित विविध विषय-वस्तु की बढ़ती उपलब्धता के कारण शिक्षा का स्वरूप निरंतर परिवर्तित हो रहा है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता शिक्षा के क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत कर रही है, जिससे शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया अधिक व्यक्तिगत, प्रभावी और आकर्षक हो गई है।

हालांकि, तेजी से विकसित होती यह तकनीक निश्चित रूप से अनेक चुनौतियाँ और भविष्यगत खतरे भी साथ लाती है, जैसे—सोशल नेटवर्किंग साइट्स के अनियमित प्रयोग से उत्पन्न मानसिक तनाव, स्मार्टफोन के स्क्रीन समय का नियंत्रण न होना, तथा बालकों द्वारा शारीरिक गतिविधियों में कम भागीदारी आदि। प्रस्तुत शोध-पत्र वस्तुतः कृत्रिम बुद्धिमत्ता का शिक्षा पर पड़ने वाले प्रभावों का अध्ययन करने के साथ-साथ भविष्यपरक संभावनाओं और इससे उत्पन्न जोखिमों का भी अवलोकन करेगा।

मूल शब्द— शैक्षिक तकनीकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता.

##submission.downloads##

प्रकाशित

2026-03-30

अंक

खंड

Articles